मंगलवार, 28 जुलाई 2015

भारत का एक और बहुमूल्य रत्न विलुप्त


जैसा कि आप सभी जानते हैं कि भारत ने आज एक बहुमूल्य रत्न हमेशा हमेशा के लिए खो दिया है| 'मिसाइल मैंन' के नाम से पहचाने जाने वाले भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का निधन हो गया है, वे 84 वर्ष के थे| हिन्दुस्तान को दुनिया की बड़ी ताक़त बनाने के कारण देश के इतिहास में उनका नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा|


पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का निधर्न शिल्लोंग के एक सेमिनार के दौरान बेहोश होकर गिरने के बाद हो गया| 84 वर्षीय कलाम शाम करीब साढ़े छह बजे भारतीय प्रबंधन संस्थान में एक व्याख्यान के दौरान गिर पड़े और इसके तुरंत बाद उन्हें नानग्रिम हिल्स में बेथनी अस्पताल ले जाया गया|

जन्म से मृत्यु तक का सफ़र 
तमिलनाडु के रामेश्वरम में जन्मे अब्दुल कलाम भारत के जाने-माने मिसाइल वैज्ञानिक थे और वे 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति भी रहे हैं|

उनका भारत की मिसाइल टेकनोलॉजी में अहम योगदान था और वे पोलर सैटेलाइट लॉंच व्हीकल के जनक माने जाते हैं| एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने 1969 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ज्वॉइन किया| उन्हें 1997 में भारत रत्न से नवाज़ा गया|

उन्होंने अपने स्कूली दिनों में अख़बार बांटने का काम किया था.
अख़बार बेचने से शुरू करके देश को वैज्ञानिक शक्ति बनाना फिर भारत का राष्ट्रपति बनना एक विलक्षण उपलब्धि है.
ऐसा वही कर सकता है जिसकी सोच बहुत बड़ी हो और विज्ञान में गहरी रुचि हो. इन दोनों चीज़ों में उनकी तुलना मुश्किल है|

उनकी किताब 'अग्नि की उड़ान' नौजवानों के लिए प्रेरणादायक है. वो अपने भाषणों से भी युवाओं में जोश भर देते थे

उनके विषय में 8 मुख्य बातें 

1. भारतीय मिसाइल कार्यक्रम में ख़ास भूमिका के लिए उन्हें 'मिसाइल मैन' जाता था| स्वदेशी तकनीक से बनी अग्नि और पृथ्वी मिसाइलों के विकास में उनका बहुत योगदान रहा है|

2. उन्होंने इसरो में परियोजना निदेशक के रूप में भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (पीएसएलवी)-3 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी|

3. वो साल 1992 से 1999 के बीच प्रधानमंत्री के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार और डीआरडीओ सचिव रहे|

4. उन्होंने 1998 के पोखरण-2 परमाणु परीक्षण में अहम भूमिका निभाई|

5. उन्हें साल 1990 में पद्म भूषण और 1997 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया|

6. कलाम 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे|

7. उन्होंने चार किताबें लिखीं: 'विंग्स ऑफ़ फायर', 'इंडिया 2020- ए विज़न फ़ॉर द न्यू मिलेनियम', 'माई जर्नी' तथा 'इग्नाटिड माइंड्स- अनलीशिंग द पॉवर विदिन इंडिया'|

8. तमिलनाडु के रामेश्वर ज़िले में 15 अक्तूबर, 1931 को उनका जन्म हुआ| उन्होंने भौतिकी और अंतरिक्ष विज्ञान की पढ़ाई की|

आख़िरी ट्वीट
'मिसाइल मैन' के नाम से मशहूर अब्दुल कलाम ने सोमवार सुबह 11.30 बजे आख़िरी ट्वीट किया था, "शिलॉन्ग जा रहा हूं| लिवेबल प्लेनेट अर्थ पर आईआईएम में एक कार्यक्रम में भाग लेने."

   एपीजे अब्दुल कलाम जी के अनमोल विचार



Courtesy-http://hindi.bankersadda.com/

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