बुधवार, 9 जुलाई 2014

हमारा कर्तव्य- Hindi Kahani


                                 

responsibility- kartavya hindi kahani
Hindi Kahani: एक doctor को जैसे ही एक urgent सर्जरी के बारे में phone करके बताया गया. वो जितना जल्दी वहाँ आ सकते थे आ गए. वो तुरंत ही कपडे change करके ऑपरेशन थिएटर की और बढे. doctor को वहाँ उस लड़के के पिता दिखाई दिए जिसका इलाज होना था.
पिता doctor को देखते ही भड़क उठे, और चिल्लाने लगे.. आखिर इतनी देर तक कहाँ थे आप? क्या आपको पता नहीं है की मेरे बच्चे की जिंदगी खतरे में है. क्या आपकी कोई responsibility नहीं बनती.. आपका कोई कर्तव्य है या नहीं? ”
doctor ने हलकी सी मुस्कराहट के साथ कहा- मुझे माफ़ कीजिये, मैं हॉस्पिटल में नहीं था. मुझे जैसे ही पता लगा, जितनी जल्दी हो सका मैं आ गया.. अब आप शांत हो जाइए, गुस्से से कुछ नहीं होगा..
ये सुनकर पिता का गुस्सा और चढ़ गया. भला अपने बेटे की इस नाजुक हालत में वो शांत कैसे रह सकते थेउन्होंने कहा- ऐसे समय में दूसरों को संयम रखने का कहना बहुत आसान है. आपको क्या पता की मेरे मन में क्या चल रहा है.. अगर आपका बेटा इस तरह मर रहा होता तो क्या आप इतनी देर करते.. यदि आपका बेटा मर जाए अभी, तो आप शांत रहेगे? कहिये..
doctor ने स्तिथि को भांपा और कहा- किसी की मौत और जिंदगी ईश्वर के हाथ में है. हम केवल उसे बचाने का प्रयास कर सकते है.. आप ईश्वर से प्राथना कीजिये.. और मैं अन्दर जाकर ऑपरेशन करता हूँ…”
ये कहकर doctor अंदर चले गए.. करीब 3 घंटो तक ऑपरेशन चला.. लड़के के पिता भी धीरज के साथ बाहर बैठे रहे..
ऑपरेशन के बाद जैसे ही doctor बहार निकले.. वे मुस्कुराते हुए, सीधे पिता के पास गए.. और उन्हें कहा- ईश्वर का बहुत ही आशीर्वाद है. आपका बेटा अब ठीक है.. अब आपको जो भी सवाल पूछना हो पीछे आ रही nurse से पूछ लीजियेगा..ये कहकर वो जल्दी में चले गए..
उनके बेटे की जान बच गयी इसके लिए वो बहुत खुश तो हुए.. पर जैसे ही nurse उनके पास आई.. वे बोले.. ये कैसे doctor है.. इन्हें किस बात का गुरुर है.. इनके पास हमारे लिए जरा भी समय नहीं है..
तब nurse ने उन्हें बताया.. की doctor के बेटे की accident में कल death हो गयी.. और आज जब उन्हें phone किया गया.. तो वे उसके क्रियाकर्म कर रहे थे
ये सुनकर उन्हें अपनी गलती पर पछतावा हुआ..
_ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _  _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ 
जिंदगी में कई बार हमे बहुत कठिन समय का सामना करना पड़ता है.. उसमे कई बार हम धीरज खों देते है.. परंतु चिंता से न ही कभी कुछ मिला है और न ही कुछ मिलेगा..
हमारे अच्छे और बुरे समय, दोनों में ही हम अपने कर्तव्यों का पालन करे.. यही सही है..
आपको story कैसी लगी. हमे comments में जरुर बताये
यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करनाचाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है:facingverity@gmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!
Courtesy- Hindisoch.net


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें